#चित्रकूट
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ जितेन्द्र सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग जनपद चित्रकूट में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुदान सं0-83 के अधीन सूकर पालन की योजना (रा०यो०) (रा.90+ ला.10) के अन्तर्गत जनपद चित्रकूट को 06 का लक्ष्य आवंटित हुआ है,योजना का स्वरूप :- वर्तमान में उत्तर प्रदेश में जापानी इन्सेफेलाइटिस रोग से मुक्त 37 जनपदों में,प्रश्नगत योजना संचालित की जानी है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 218 नस्ल के के सूकर इकाईयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। (प्रति इकाई 01 नर व 10 मादा सूकर) योजनान्तर्गत प्रति इकाई राज्यांश (90 प्रतिशत) धनराशि रू0 1,32,660/-एवं लाभार्थी अंश (10 प्रतिशत) धनराशि रू0 14,740/- है इस प्रकार कुल इकाई लागत धनराशि रू० 1,47,400/- है,योजनान्तर्गत 1 नर का मूल्य 10000/- एवं 01 मादा का मूल्य 8500/- निर्धारित किया गया है।
योजनान्तर्गत आवंटित धनराशि से नर एवं मादा का कय बीमा व चिकित्सा तथा परिवहन, जाली युक्त सूकर बाड़ा/आवास की व्यवस्था, राशन / आहार, औषधि पोषक तत्व आदि का कार्य किया जायेगा,लाभार्थी की पात्रता : जनपद अन्तर्गत स्थायी रूप से निवास कर रहे 18 वर्ष से अधिक आयु के अनुसूचित जाति के आवेदकों का चयन योजनान्तर्गत किया जायेगा। आवेदकों के पास आबादी से दूर सूकर पालने हेतु उचित व्यवस्था होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया में विधवा निराश्रित महिला को प्राथमिकता दी जायेगी। चयन प्रकिया में 03 प्रतिशत दिव्यांग जन को भी सम्मिलित किया जायेगा। लाभार्थी चयन में महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर (उपलब्धता के अनुसार) वरीयता दी जायेगी, जिससे स्वावलंबी बनाया जा सके।
लाभार्थी चयन में जनपद स्तर पर निर्धारित लक्ष्य से 20 प्रतिशत अतिरिक्त लाभार्थियों का चयन कर प्रतीक्षा सूची बनायी जायेगी,आवेदन पत्र के साथ निम्न प्रमाण पत्र संलग्न किये जायेगे आधार कार्ड, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (ग्राम प्रधान द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र मान्य होगा), बैंक पासबुक की छायाप्रति, सूकर इकाई को न्यूनतम 03 वर्ष तक संचालित करने का शपथ पत्र रू0 10/के स्टाम्प पेपर पर।आवेदन पत्र सम्बन्धित ग्राम प्रधान से अग्रसारित कराकर क्षेत्रीय पशुचिकित्साधिकारी के पास जमा किया जायेगा, जो आवेदन के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर व सूकर बाड़ा आबादी क्षेत्र से उचित दूरी पर पूर्व निर्मित सूकर बाड़ा अथवा सूकर बाड़ा बनाने का स्थान उपलब्ध होना चाहिये।
सम्बन्धित पशुचिकित्साधिकारी द्वार यह सुनिश्चित किया जायेगा कि आवेदक वास्तविक सूकर पालक हो तथा आगामी 03 वर्षों तक सूकर पालन का कार्य अवश्य करें। पात्रता के परीक्षणोंपरान्त संस्तुति सहित आवेदन पत्र निर्धारित समय सीमा के अन्दर मुख्य पशुचिकित्साधिकारी कार्यालय उपलब्ध कराया जायेगा,आवेदन करने की तिथि: उक्त योजना हेतु लाभार्थी दिनांक-15मई2026 से 30जून2026 तक सम्बन्धित पशुचिकित्सालय में जमा करना है।