कंप्यूटर आधुनिक विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। आज शिक्षा, बैंकिंग, चिकित्सा, उद्योग, व्यवसाय, अनुसंधान, रक्षा, अंतरिक्ष विज्ञान, परिवहन, संचार तथा सरकारी सेवाओं सहित लगभग हर क्षेत्र में कंप्यूटर का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसके बिना आधुनिक जीवन की कल्पना करना कठिन है।
हालाँकि अधिकांश लोग कंप्यूटर को केवल Desktop या Laptop तक ही सीमित समझते हैं, लेकिन वास्तव में कंप्यूटर कई प्रकार के होते हैं। किसी बैंक में करोड़ों ग्राहकों का डेटा संभालने वाला कंप्यूटर, किसी अस्पताल में मरीज की हृदय गति मापने वाला कंप्यूटर और किसी वैज्ञानिक संस्था में मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाला कंप्यूटर—इन सभी की कार्यप्रणाली, क्षमता और उपयोग अलग-अलग होते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र इंटरनेट चलाना या प्रोजेक्ट बनाना चाहता है, तो उसके लिए एक साधारण Micro Computer पर्याप्त होता है। लेकिन यदि किसी देश को मौसम का पूर्वानुमान, परमाणु अनुसंधान या अंतरिक्ष मिशन के लिए लाखों-करोड़ों गणनाएँ प्रति सेकंड करनी हों, तो वहाँ Supercomputer की आवश्यकता होती है। इसी प्रकार बड़े बैंक, रेलवे, बीमा कंपनियाँ और सरकारी विभाग लाखों उपयोगकर्ताओं का डेटा सुरक्षित रखने और एक साथ हजारों लेन-देन (Transactions) को संभालने के लिए Mainframe Computer का उपयोग करते हैं।
इसी प्रकार की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कंप्यूटरों को उनके कार्य करने के तरीके, उद्देश्य तथा आकार एवं क्षमता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। यह वर्गीकरण विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता करता है कि कौन-सा कंप्यूटर किस प्रकार के कार्य के लिए उपयुक्त है।
Computer Fundamentals में यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है तथा CCC, O Level, DCA, ADCA, BCA, PGDCA, Polytechnic, ITI COPA, Computer Operator, Data Entry Operator, Banking, SSC, Railway तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
कंप्यूटर का वर्गीकरण (Classification of Computer)
मुख्य रूप से कंप्यूटरों का वर्गीकरण निम्न आधारों पर किया जाता है—
- Analog Computer
- Digital Computer
- Hybrid Computer
- General Purpose Computer
- Special Purpose Computer
- Micro Computer
- Mini Computer
- Mainframe Computer
- Supercomputer
इस भाग में हम सबसे पहले कार्य प्रणाली (Working Principle) के आधार पर कंप्यूटरों के प्रकारों का अध्ययन करेंगे।
Analog Computer ऐसे कंप्यूटर होते हैं जो निरंतर बदलने वाले (Continuous) डेटा पर कार्य करते हैं। ये डेटा को 0 और 1 (Binary) के रूप में नहीं बल्कि वास्तविक भौतिक मात्राओं (Physical Quantities) जैसे तापमान (Temperature), दबाव (Pressure), गति (Speed), वोल्टेज (Voltage), ध्वनि (Sound), प्रवाह (Flow) या समय (Time) के रूप में संसाधित (Process) करते हैं।
दूसरे शब्दों में, Analog Computer उन सूचनाओं पर कार्य करते हैं जिनके मान लगातार बदलते रहते हैं। उदाहरण के लिए किसी वाहन की गति 40 km/h से 41, 42, 43 या 44 km/h तक लगातार बदलती रहती है। इसी प्रकार शरीर का तापमान, रक्तचाप, बिजली का वोल्टेज और पानी का दबाव भी लगातार बदलने वाले डेटा हैं।
Analog Computer इन परिवर्तनों को मापने और उनका विश्लेषण करने में सक्षम होते हैं।
Analog Computing की शुरुआत Digital Computer से पहले हुई थी। प्रारंभिक वैज्ञानिक उपकरण जैसे Slide Rule, Differential Analyzer और Mechanical Analog Systems वैज्ञानिक गणनाओं के लिए विकसित किए गए थे।
बाद में उद्योगों और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में तापमान, दबाव और अन्य भौतिक मापों के विश्लेषण के लिए Analog Computers का उपयोग होने लगा। वर्तमान समय में पूर्ण Analog Computer का उपयोग कम हो गया है, लेकिन अनेक आधुनिक उपकरणों में Analog तकनीक अब भी मौजूद है।
Analog Computer कैसे कार्य करता है?
Analog Computer किसी Sensor या Measuring Device से Continuous Signal प्राप्त करता है। यह Signal किसी भौतिक मात्रा का प्रतिनिधित्व करता है।
उदाहरण के लिए—
- Temperature Sensor तापमान मापता है।
- Pressure Sensor दबाव मापता है।
- Speed Sensor गति मापता है।
Computer इन Signals का विश्लेषण करके आवश्यक परिणाम प्रदान करता है।
Analog Computer की मुख्य विशेषताएँ
- Continuous Data पर कार्य करता है।
- Physical Quantities को मापता है।
- परिणाम अनुमानित (Approximate) होते हैं।
- Real-Time Monitoring के लिए उपयुक्त।
- वैज्ञानिक एवं औद्योगिक कार्यों में उपयोगी।
- अत्यधिक तेज़ Signal Processing कर सकता है।
- Binary Number System का प्रत्यक्ष उपयोग नहीं करता।
- Continuous Data को सीधे Process करता है।
- Real-Time Measurement में उपयोगी।
- वैज्ञानिक प्रयोगों में प्रभावी।
- Sensor आधारित प्रणालियों के लिए उपयुक्त।
- तापमान, दबाव और गति जैसी भौतिक मात्राओं का विश्लेषण करने में सक्षम।
- परिणाम पूर्णतः सटीक (Exact) नहीं होते।
- Storage क्षमता सीमित होती है।
- Programming की सुविधा नहीं होती।
- सामान्य कार्यालयी कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं।
- आधुनिक Digital Computers की तुलना में कम लचीला।
Analog Computer के उपयोग (Applications)
Analog Computer का उपयोग मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों में किया जाता है—
- वैज्ञानिक अनुसंधान
- औद्योगिक नियंत्रण प्रणाली
- तापमान मापन
- मौसम संबंधी उपकरण
- विद्युत मापन
- विमान नियंत्रण प्रणाली
- इंजीनियरिंग प्रयोगशालाएँ
- चिकित्सा उपकरणों में Signal Processing
- Analog Speedometer
- Analog Voltmeter
- Pressure Gauge
- Temperature Monitoring System
- Aircraft Control Instruments
- Industrial Process Control Systems
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- Analog Computer Continuous Data पर कार्य करता है।
- यह Physical Measurements को संसाधित करता है।
- इसके परिणाम अनुमानित (Approximate) होते हैं।
- Temperature, Pressure और Speed Measurement इसके प्रमुख उपयोग हैं।
Digital Computer वर्तमान समय में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले कंप्यूटर हैं। ये Binary Number System (0 और 1) पर कार्य करते हैं तथा सभी प्रकार के डेटा को डिजिटल रूप में संसाधित करते हैं।
आज घर, विद्यालय, कॉलेज, कार्यालय, बैंक, अस्पताल, रेलवे, उद्योग और लगभग हर क्षेत्र में Digital Computer का उपयोग किया जा रहा है। Desktop Computer, Laptop, Smartphone, Tablet, ATM Machine और अधिकांश आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण Digital Computer की श्रेणी में आते हैं।
Digital Computer अपनी उच्च गति, सटीकता (Accuracy), विश्वसनीयता (Reliability) और बड़ी मात्रा में डेटा संग्रहित करने की क्षमता के कारण सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।
1940 के दशक में विकसित प्रारंभिक Electronic Computers से Digital Computing का विकास शुरू हुआ। समय के साथ Vacuum Tube, Transistor, Integrated Circuit (IC) और Microprocessor तकनीक के विकास ने Digital Computers को अधिक तेज़, छोटे, सस्ते और शक्तिशाली बना दिया।
आज Artificial Intelligence (AI), Cloud Computing, Machine Learning, Data Analytics और Internet जैसी आधुनिक तकनीकों का आधार भी Digital Computing ही है।
Digital Computer कैसे कार्य करता है?
Digital Computer प्रत्येक डेटा को Binary Digits (Bits) अर्थात 0 और 1 के रूप में संग्रहित एवं संसाधित करता है।
इनपुट प्राप्त करने के बाद CPU निर्देशों के अनुसार Processing करता है और परिणाम Output Device के माध्यम से प्रदर्शित करता है। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर डेटा को Storage Device में सुरक्षित भी रखा जा सकता है।
Digital Computer की मुख्य विशेषताएँ
- Binary Number System (0 और 1) पर कार्य करता है।
- अत्यधिक सटीक परिणाम प्रदान करता है।
- तेज़ Processing Speed।
- बड़ी Storage Capacity।
- Programming की सुविधा।
- Multitasking को Support करता है।
- इंटरनेट एवं नेटवर्किंग के लिए उपयुक्त।
Part 2 में हम विस्तार से पढ़ेंगे—
- Digital Computer (बाकी भाग)
- Hybrid Computer (पूरा)
- प्रत्येक के Advantages, Disadvantages, Applications, Real-life Examples, Exam Notes और Comparison।