परिचय

GST क्या है?

GST लागू करने का उद्देश्य

GST की मुख्य विशेषताएँ

GST के प्रकार (Types of GST)

1. CGST क्या है?

उदाहरण

2. SGST क्या है?

3. IGST क्या है?

उदाहरण

4. UTGST क्या है?

Intra-State और Inter-State Supply में अंतर

GST कैसे कार्य करता है?

चरण 1 – Purchase

चरण 2 – Sales

चरण 3 – Tax Payment

उदाहरण

GST किन व्यवसायों पर लागू होता है?

GST Registration क्या है?

GSTIN क्या है?

GST में महत्वपूर्ण शब्द

GST सीखना क्यों आवश्यक है?

सामान्य गलतियाँ

Professional Tips

Exam Point of View

Quick Revision

इस भाग में आपने क्या सीखा?

Interview Questions

अगला अध्याय

 

परिचय

भारत में वस्तुओं (Goods) और सेवाओं (Services) पर पहले कई अलग-अलग प्रकार के टैक्स लगाए जाते थे, जैसे VAT, Excise Duty, Service Tax, Entry Tax, Luxury Tax आदि। अलग-अलग टैक्स होने के कारण व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

इन समस्याओं को दूर करने के लिए 1 जुलाई 2017 से पूरे भारत में GST (Goods and Services Tax) लागू किया गया। GST एक Destination-Based Indirect Tax है, अर्थात जिस राज्य में वस्तु या सेवा का अंतिम उपभोग (Consumption) होता है, उसी राज्य को कर (Tax) प्राप्त होता है।

आज लगभग सभी छोटे, मध्यम और बड़े व्यवसायों में GST के अनुसार Accounting की जाती है। इसलिए यदि आप Tally Prime सीख रहे हैं, तो GST की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।

 

GST क्या है?

GST (Goods and Services Tax) भारत सरकार द्वारा लागू किया गया एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है, जो वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति (Supply) पर लगाया जाता है।

सरल शब्दों में—

जब कोई व्यवसाय कोई वस्तु बेचता है या कोई सेवा प्रदान करता है, तो उस पर निर्धारित GST लगाया जाता है।

बाद में यह टैक्स सरकार को जमा किया जाता है।

 

GST लागू करने का उद्देश्य

GST लागू करने के मुख्य उद्देश्य थे—

  • पूरे देश में एक समान Tax System लागू करना।
  • अनेक अप्रत्यक्ष करों को एक कर में समाहित करना।
  • Tax Cascading (Tax पर Tax) को कम करना।
  • व्यापार को सरल बनाना।
  • Digital Tax System को बढ़ावा देना।
  • Tax Compliance को आसान बनाना।
  • पारदर्शिता बढ़ाना।

 

GST की मुख्य विशेषताएँ

  • पूरे भारत में लागू (कुछ विशेष अपवादों को छोड़कर)।
  • Goods और Services दोनों पर लागू।
  • Destination-Based Tax System।
  • Input Tax Credit (ITC) की सुविधा।
  • Online Return Filing।
  • HSN और SAC Code आधारित Classification।
  • Invoice आधारित Tax System।

 

GST के प्रकार (Types of GST)

भारत में मुख्य रूप से चार प्रकार के GST लागू होते हैं—

  1. CGST (Central Goods and Services Tax)
  2. SGST (State Goods and Services Tax)
  3. IGST (Integrated Goods and Services Tax)
  4. UTGST (Union Territory Goods and Services Tax)

आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं।

 

  1. CGST क्या है?

CGST वह कर है जो राज्य के भीतर (Intra-State Supply) होने वाले लेन-देन पर केंद्र सरकार द्वारा लिया जाता है।

उदाहरण

यदि कानपुर (उत्तर प्रदेश) का व्यापारी उत्तर प्रदेश के ही किसी ग्राहक को सामान बेचता है, तो GST दो भागों में विभाजित होगा—

  • CGST
  • SGST

यदि GST Rate 18% है—

  • CGST = 9%
  • SGST = 9%

 

  1. SGST क्या है?

SGST वह कर है जो राज्य के भीतर होने वाले व्यापार पर संबंधित राज्य सरकार को प्राप्त होता है।

ऊपर दिए गए उदाहरण में—

यदि Product पर 18% GST है—

तो—

CGST = 9%

SGST = 9%

 

  1. IGST क्या है?

जब व्यापार दो अलग-अलग राज्यों के बीच होता है, तो IGST लगाया जाता है।

उदाहरण

उत्तर प्रदेश की कंपनी ने मध्य प्रदेश के ग्राहक को Product बेचा।

GST Rate = 18%

तो पूरा 18% IGST लगेगा।

CGST और SGST अलग-अलग नहीं लगेंगे।

 

  1. UTGST क्या है?

यदि Supply किसी Union Territory में होती है, तो SGST के स्थान पर UTGST लागू होता है।

उदाहरण—

  • चंडीगढ़
  • लक्षद्वीप
  • अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
  • दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव

 

Intra-State और Inter-State Supply में अंतर

आधार

Intra-State

Inter-State

राज्य

एक ही राज्य

अलग-अलग राज्य

Tax

CGST + SGST

IGST

उदाहरण

लखनऊ → कानपुर

लखनऊ → भोपाल

 

GST कैसे कार्य करता है?

GST प्रणाली में तीन मुख्य चरण होते हैं—

चरण 1 – Purchase

व्यवसाय सामान खरीदता है और Supplier को GST सहित भुगतान करता है।

इसे Input Tax कहते हैं।

चरण 2 – Sales

व्यवसाय वही सामान ग्राहक को बेचता है और GST वसूलता है।

इसे Output Tax कहते हैं।

चरण 3 – Tax Payment

सरकार को जमा होने वाला GST =

Output GST – Eligible Input Tax Credit (ITC)

यदि ITC उपलब्ध है तो उसका समायोजन (Adjustment) नियमों के अनुसार किया जाता है।

 

उदाहरण

मान लीजिए—

आपने Computer ₹10,000 में खरीदा।

GST = 18%

आपने Supplier को ₹1,800 GST दिया।

बाद में वही Computer ₹15,000 में बेचा।

GST = ₹2,700

अब—

Output GST = ₹2,700

Eligible ITC = ₹1,800

सरकार को शेष GST = ₹900

 

GST किन व्यवसायों पर लागू होता है?

GST विभिन्न प्रकार के व्यवसायों पर लागू हो सकता है, जैसे—

  • Computer Institute
  • Computer Shop
  • Mobile Shop
  • Medical Store
  • Restaurant
  • Wholesaler
  • Retail Shop
  • Manufacturing Company
  • Online Seller
  • Service Provider
  • Freelancer (पात्रता और नियमों के अनुसार)

नोट: GST Registration की आवश्यकता व्यवसाय के प्रकार, टर्नओवर, स्थान और लागू कानूनों पर निर्भर करती है।

 

GST Registration क्या है?

यदि कोई व्यवसाय GST कानून के अंतर्गत Registration के लिए पात्र है या Registration कराना आवश्यक है, तो उसे GST Portal पर Registration करना होता है।

Registration के बाद व्यवसाय को एक GSTIN (Goods and Services Tax Identification Number) प्राप्त होता है।

 

GSTIN क्या है?

GSTIN एक 15 अंकों का Unique Identification Number होता है, जिसके माध्यम से GST Registered Business की पहचान की जाती है।

उदाहरण संरचना—

  • पहले 2 अंक – राज्य कोड
  • अगले 10 अंक – PAN आधारित
  • शेष अंक – Registration पहचान

 

GST में महत्वपूर्ण शब्द

शब्द

अर्थ

GST

Goods and Services Tax

GSTIN

GST Registration Number

HSN

Goods Classification Code

SAC

Service Accounting Code

ITC

Input Tax Credit

Tax Invoice

GST Invoice

 

GST सीखना क्यों आवश्यक है?

आज लगभग सभी Accounting Jobs में GST की जानकारी आवश्यक मानी जाती है।

विशेष रूप से—

  • Accountant
  • Computer Operator
  • Accounts Executive
  • GST Executive
  • Tax Assistant
  • Office Assistant
  • Business Owner

के लिए GST का ज्ञान महत्वपूर्ण है।

 

सामान्य गलतियाँ

❌ CGST, SGST और IGST में भ्रम करना।

❌ गलत GST Rate चुनना।

❌ HSN Code की अनदेखी करना।

❌ GSTIN गलत दर्ज करना।

❌ Input Tax Credit के नियमों को समझे बिना दावा करना।

 

Professional Tips

✔ हमेशा नवीनतम GST नियमों का पालन करें।

✔ सही HSN/SAC Code का उपयोग करें।

✔ Purchase और Sales Invoice सुरक्षित रखें।

✔ GST Reports का नियमित मिलान करें।

✔ Return Filing की समय-सीमा का पालन करें।

 

Exam Point of View

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न—

  1. GST क्या है?
  2. GST कब लागू हुआ?
  3. GST के कितने प्रकार हैं?
  4. CGST और SGST में क्या अंतर है?
  5. IGST कब लगाया जाता है?
  6. GSTIN क्या है?
  7. ITC का पूरा नाम क्या है?

 

Quick Revision

विषय

मुख्य जानकारी

GST

Goods and Services Tax

लागू

1 जुलाई 2017

CGST

केंद्र सरकार

SGST

राज्य सरकार

IGST

अंतर्राज्यीय व्यापार

GSTIN

15 अंकों का Registration Number

ITC

Input Tax Credit

 

इस भाग में आपने क्या सीखा?

  • GST का परिचय
  • GST लागू करने का उद्देश्य
  • GST के प्रकार
  • CGST, SGST, IGST, UTGST
  • GSTIN
  • Intra-State एवं Inter-State Supply
  • GST का कार्य करने का तरीका
  • सामान्य गलतियाँ
  • Professional Tips

 

Interview Questions

  1. GST क्या है और इसे क्यों लागू किया गया?
  2. CGST, SGST और IGST में क्या अंतर है?
  3. GSTIN क्या होता है?
  4. Intra-State Supply क्या है?
  5. Inter-State Supply क्या है?
  6. Input Tax Credit क्या है?
  7. GST सीखना क्यों आवश्यक है?

 

अगला अध्याय

अब हम Tally Prime में GST Enable करना, GST Ledgers बनाना, HSN Code जोड़ना और Company में GST Configuration को Step-by-Step Practical तरीके से सीखेंगे। इसमें Company Setup से लेकर पहली GST Purchase और GST Sales Entry तक हर चरण स्क्रीन-दर-स्क्रीन समझाया जाएगा। यह अध्याय Tally Prime में वास्तविक GST Accounting शुरू करने की मजबूत नींव तैयार करेगा।