Tally Prime में Voucher Entry कैसे करें? पूरी जानकारी

परिचय

Voucher क्या होता है?

Tally Prime में मुख्य Voucher कौन-कौन से हैं?

Voucher Entry खोलने का तरीका

Contra Voucher (F4)

Contra Voucher क्या है?

Payment Voucher (F5)

Payment Voucher क्या है?

Receipt Voucher (F6)

Receipt Voucher क्या है?

Journal Voucher (F7)

Journal Voucher क्या है?

Journal का उपयोग

Sales Voucher (F8)

Sales Voucher क्या है?

Purchase Voucher (F9)

Purchase Voucher क्या है?

Voucher Entry करते समय आवश्यक बातें

Voucher Number क्या होता है?

Voucher Date क्यों महत्वपूर्ण है?

Practical Example

Voucher Entry करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ

1. गलत Voucher चुन लेना

2. गलत Ledger चुनना

3. Date गलत डालना

4. Amount गलत लिखना

5. Narration खाली छोड़ना

इस भाग में आपने क्या सीखा?

निष्कर्ष

अगले भाग (Part 5) में

 

Tally Prime में Voucher Entry कैसे करें? पूरी जानकारी

परिचय

पिछले भाग में आपने Chart of Accounts, Groups और Ledger के बारे में विस्तार से सीखा। अब समय है Tally Prime के सबसे महत्वपूर्ण भाग Voucher Entry को समझने का।

यदि Ledger अकाउंटिंग की नींव है, तो Voucher Entry उसका वास्तविक कार्य है। किसी भी व्यवसाय में होने वाले हर वित्तीय लेन-देन को Tally Prime में Voucher के माध्यम से दर्ज किया जाता है।

उदाहरण के लिए—

  • आपने किसी सप्लायर से सामान खरीदा।
  • किसी ग्राहक को सामान बेचा।
  • बैंक में पैसा जमा किया।
  • बिजली का बिल भुगतान किया।
  • ग्राहक से नकद राशि प्राप्त हुई।

इन सभी लेन-देन को अलग-अलग प्रकार के Voucher में दर्ज किया जाता है।

 

Voucher क्या होता है?

Voucher किसी वित्तीय लेन-देन (Financial Transaction) का डिजिटल रिकॉर्ड होता है।

सरल शब्दों में,

व्यवसाय में होने वाले प्रत्येक लेन-देन को प्रमाण सहित दर्ज करने का माध्यम Voucher कहलाता है।

Tally Prime में प्रत्येक Voucher का अपना अलग उद्देश्य होता है।

 

Tally Prime में मुख्य Voucher कौन-कौन से हैं?

Voucher

Shortcut Key

उपयोग

Contra

F4

Cash और Bank के बीच लेन-देन

Payment

F5

भुगतान करना

Receipt

F6

भुगतान प्राप्त करना

Journal

F7

Adjustment Entry

Sales

F8

बिक्री दर्ज करना

Purchase

F9

खरीद दर्ज करना

 

Voucher Entry खोलने का तरीका

Method 1

Gateway of Tally

Vouchers

आवश्यक Voucher चुनें।

 

Method 2

Keyboard से

  • F4
  • F5
  • F6
  • F7
  • F8
  • F9

दबाकर सीधे संबंधित Voucher खोल सकते हैं।

 

Contra Voucher (F4)

Contra Voucher क्या है?

जब Cash और Bank के बीच लेन-देन होता है, तब Contra Voucher का उपयोग किया जाता है।

उदाहरण

  • बैंक में नकद जमा करना।
  • बैंक से नकद निकालना।
  • एक बैंक से दूसरे बैंक में राशि ट्रांसफर करना।

 

उदाहरण

आपने ₹25,000 नकद बैंक में जमा किए।

Entry

Bank A/c        Dr.      ₹25,000

     To Cash A/c          ₹25,000

 

Payment Voucher (F5)

Payment Voucher क्या है?

जब व्यवसाय से किसी व्यक्ति, संस्था या खर्च के लिए भुगतान किया जाता है, तब Payment Voucher का उपयोग किया जाता है।

 

उदाहरण

दुकान का बिजली बिल ₹3,500 नकद दिया।

Entry

Electricity Expense A/c   Dr.   ₹3,500

      To Cash A/c               ₹3,500

 

अन्य उदाहरण

  • Salary Payment
  • Office Rent
  • Internet Bill
  • Courier Charges
  • Transport Charges

 

Receipt Voucher (F6)

Receipt Voucher क्या है?

जब व्यवसाय को किसी व्यक्ति या ग्राहक से राशि प्राप्त होती है, तब Receipt Voucher बनाया जाता है।

 

उदाहरण

Rahul Traders ने ₹15,000 नकद जमा किए।

Cash A/c                 Dr.    ₹15,000

      To Rahul Traders         ₹15,000

 

अन्य उदाहरण

  • Customer Payment
  • Interest Received
  • Commission Received

 

Journal Voucher (F7)

Journal Voucher क्या है?

ऐसी Accounting Entries जिनमें Cash या Bank का उपयोग नहीं होता, उन्हें Journal Voucher में दर्ज किया जाता है।

 

उदाहरण

Furniture खरीदा लेकिन भुगतान बाद में करेंगे।

Furniture A/c        Dr.     ₹50,000

      To Gupta Suppliers      ₹50,000

 

Journal का उपयोग

  • Adjustment Entry
  • Depreciation
  • Outstanding Expense
  • Prepaid Expense
  • Provision Entry

 

Sales Voucher (F8)

Sales Voucher क्या है?

जब व्यवसाय किसी ग्राहक को वस्तु या सेवा बेचता है, तब Sales Voucher का उपयोग किया जाता है।

 

उदाहरण

Rahul Traders को ₹18,000 का सामान बेचा।

Rahul Traders A/c     Dr.     ₹18,000

      To Sales A/c           ₹18,000

 

यदि GST लागू है तो Tax अपने आप Calculate हो सकता है, बशर्ते आपने सही GST Configuration की हो।

 

Purchase Voucher (F9)

Purchase Voucher क्या है?

जब व्यवसाय किसी सप्लायर से सामान खरीदता है, तब Purchase Voucher बनाया जाता है।

 

उदाहरण

Gupta Suppliers से ₹30,000 का सामान खरीदा।

Purchase A/c        Dr.      ₹30,000

      To Gupta Suppliers      ₹30,000

 

Voucher Entry करते समय आवश्यक बातें

Voucher Entry से पहले निम्न Ledger बने होने चाहिए—

  • Cash
  • Bank
  • Purchase
  • Sales
  • Customer
  • Supplier
  • Expense Ledger

 

Voucher Number क्या होता है?

हर Voucher का एक Unique Number होता है।

उदाहरण

  • Purchase-001
  • Sales-005
  • Payment-012

इससे रिकॉर्ड ढूंढना आसान हो जाता है।

 

Voucher Date क्यों महत्वपूर्ण है?

गलत Date डालने पर—

  • GST Report गलत हो सकती है।
  • Trial Balance प्रभावित हो सकता है।
  • Profit & Loss Report गलत बन सकती है।

इसलिए Entry करते समय Date अवश्य जांचें।

 

Practical Example

मान लीजिए आपकी मोबाइल दुकान है।

Transaction 1

Gupta Suppliers से ₹80,000 के मोबाइल खरीदे।

Voucher

Purchase (F9)

 

Transaction 2

Rahul Customer को ₹95,000 के मोबाइल बेचे।

Voucher

Sales (F8)

 

Transaction 3

बिजली का बिल ₹2,500 जमा किया।

Voucher

Payment (F5)

 

Transaction 4

ग्राहक ने ₹20,000 नकद जमा किए।

Voucher

Receipt (F6)

 

Transaction 5

₹40,000 बैंक में जमा किए।

Voucher

Contra (F4)

 

Voucher Entry करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ

  1. गलत Voucher चुन लेना

Purchase की जगह Journal या Payment चुन लेना।

 

  1. गलत Ledger चुनना

Customer की जगह Supplier चुन लेना।

 

  1. Date गलत डालना

रिपोर्ट और GST दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

 

  1. Amount गलत लिखना

हमेशा Save करने से पहले Entry दोबारा जांचें।

 

  1. Narration खाली छोड़ना

हर Voucher में संक्षिप्त विवरण लिखना अच्छी Accounting Practice मानी जाती है।

 

इस भाग में आपने क्या सीखा?

✔ Voucher क्या होता है

✔ Contra Voucher

✔ Payment Voucher

✔ Receipt Voucher

✔ Journal Voucher

✔ Sales Voucher

✔ Purchase Voucher

✔ Practical Examples

✔ सामान्य गलतियाँ

 

निष्कर्ष

Voucher Entry, Tally Prime का सबसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक भाग है। यदि आप सही Voucher चुनना और सही Ledger के साथ Entry करना सीख जाते हैं, तो दैनिक अकाउंटिंग का अधिकांश कार्य आसानी से कर सकते हैं।

शुरुआत में छोटे-छोटे लेन-देन की Practice करें। नियमित अभ्यास से आपकी गति और शुद्धता दोनों बढ़ेंगी।

 

अगले भाग (Part 5) में

हम विस्तार से सीखेंगे:

  • Inventory Management क्या है?
  • Stock Group
  • Stock Category
  • Stock Item
  • Units of Measure
  • Godown (Warehouse)
  • Opening Stock
  • Manufacturing एवं Trading व्यवसाय में Inventory का उपयोग
  • Practical Inventory Setup Example

यह भाग विशेष रूप से उन विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए उपयोगी होगा जो Tally Prime में स्टॉक का पूरा प्रबंधन करना सीखना चाहते हैं।